मेघदुतकी कल्पना तुम्हि हो क्या? या प्रेमी दिल की धडकन?
मुजपे छाया नीलगगन हो क्या? या मुजपे हंसता सितारा?
आधी रातको मुजे जगाती वोही अंजानी पुकार हो? या मेरे ख्वाबोंकी तस्वीर?
मुजे घेर लेती अनजानी खुश्बु हो? या मेरे प्रिय सफेद चांदनी के पुष्प?
सुरज की पहेली किरनका मोहक हास्य हो? या ढलती सुनहरी शामका मोहक तराना?
कहींपे बजती बांसुरीका जादुइ सुरीला नगमा हो? या दिलने साज बनके जो छेडा, वो राग हो?
मुजे तडपाती फीर भी लुभाती मीठी कसक हो? या किसी अजनबीसे दिलने किया वो प्यार हो?
३१-३-९१
